आर्थिक मंदी से बेहाल म्यूचुअल फंड्स, जनवरी से अक्टूबर के बीच निवेश में 50% की कमी

Jansatta,

मुंबई | Updated: November 17, 2019 11:15 PM

ेयर बाजारोंमूचुअल फं ड िनवेश साल के पहले 10 महीनोंमआधा घटकर 55,700 करोड़ पयेरहा। इसका कारण खुदरा िनवेशकोंकी ूचुअल फं ड मभागीदारी का कम होना है। भारतीय ितभूित एवं अपीलीय बोड (सेबी) के आंकड़ेके अनुसार कोष बंधकोंनेिपछलेसाल जनवरी-अूबर के दौरान 1.12 लाख करोड़ पयेमू के शेयर खरीदेथे। ाइम इनवेर डाट इन के सह-संथापक िवा बाला नेकहा, ‘‘खुदरा िनवेशकों का ूचुअल फं ड मिनवेश एक साल पहलेकी समान अविध की तुलना मकम आ है। इसके परणामप ूचुअल फं ड की तरफ सेशेयर बाजारोंमिनवेश कम आ है।’’ उोनें कहा, ‘‘बाजार के नई ऊं चाई पर पंचनेके साथ खुदरा िनवेशकोंनेअपनी संपि पर कोई सकाराक भाव नहींपाया। इसका कारण तेजी का कुछ चुिनंदा शेयरोंतक सीिमत रहना है। जबतक खुदरा िनवेशक िनवेश के िलयेआगे नहींआते, आनेवालेसमय मयह वृि बनी रह सकती है।’’ सैमको मूचुअल फं ड िडूशन कारोबार के मुख ओमकेर िसंह नेकहा िक हालांिक ित महीनेशेयरोंमिनवेश सकाराक रहा है, लेिकन अगर हम ‘िसैमेिटक इनवेमट ान’ (िसप) वाह को हटा द, यह वाह नकाराक हो जाता है। यानी िनवेश कम आ है।’’ िसप के जरयेिनवेशक िनित रािश िनित अविध पर लगातेह। इस साल कुल 55,700 करोड़ पयेके िनवेश मसेादातर िनवेश जुलाई-िसतंबर के दौरान ए। कोष बंधकोंनेइस दौरान शु प से 43,500 करोड़ पयेका िनवेश िकया। वहींिवदेशी िनवेशकोंनेइन तीन महीनोंम 22,400 करोड़ पयेकी िनकासी की।

Comments

Popular posts from this blog

CIBIL- SIDBI study: ‘Despite rate cuts & govt push, MSME credit growth slides’

How the Tablighi Jamaat Issue Spilled Over Into India-Indonesia Relations