भारत के लिए परेशानी बनेगी अमेरिका की नई आव्रजन व्यवस्था

Aug 04, 2017

भारत के लिए अमेरिका की नई आव्रजन व्यवस्था परेशानी का सबब बनने जा रही है। नई व्यवस्था में उन लोगों को ही इस देश में काम करने का मौका मिल सकेगा, जो हर तरह से योग्य व सक्षम होंगे।
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आव्रजन नीति में बदलाव करने जा रहे हैं। अब एक नया एक्ट बनाया गया है। रिफार्मिंग अमेरिकी इमीग्रेशन फॉर स्ट्रांग इंप्लॉयमेंट (रेज) एक्ट के लागू होने के बाद ग्रीन कार्ड को हासिल करना भी मुश्किल हो जाएगा। बिल को सीनेटर टाम कॉटन व डेविड पेरड्यू ने तैयार किया है। अगर कांग्रेस इसे पारित कर देती है और ये कानून की शक्ल ले लेता है तो अमेरिका में केवल उन लोगों को प्रवेश मिल सकेगा जो उच्च शिक्षित व तकनीकी रूप से बहुत माहिर हो। अभी तक ग्रीन कार्ड हासिल करने के लिए लाटरी सिस्टम का सहारा लिया जाता है, लेकिन रेज के बाद अंक आधारित व्यवस्था अमल में आने लग जाएगी। जिन तथ्यों पर बहुत ज्यादा ध्यान दिया जाने लगेगा उनमें अंग्रेजी में दक्षता, शिक्षा, भारी भरकम तनख्वाह की नौकरी के प्रस्ताव व उम्र शामिल होगी।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कहा कि अमेरिका के लोगों के हितों की रक्षा के लिए यह जरूरी है। अभी देखा जा रहा है कि ज्यादातर नौकरी बाहर से आने वाले लोगों को मिल जाती है, लेकिन रेज के लागू होने के बाद अमेरिकी मूल के लोगों को ज्यादा अवसर मिलेंगे। उनका कहना है कि हर साल लाखों की तादाद में लोग अमेरिका आते हैं। इससे शहरों की आबादी भी तेजी से बढ़ती जा रही है, लेकिन अमेरिका को उतना फायदा नहीं हो रहा है। उनका कहना था कि आस्ट्रेलिया व कनाडा जैसे देशों ने भी इसी व्यवस्था को अपनाया है। वहां सुधार साफ तौर पर दिखाई दे जाते हैं। इससे गरीबी पर रोक लगेगी तो काम के मौके बढ़ेंगे और कर के अरबों रुपये बचेंगे। उनका कहना है कि इससे न केवल अमेरिका की प्रतिस्पर्धी क्षमता फिर से जीवित होगी बल्कि इसके जरिये जनता में सरकार का विश्वास ज्यादा बढ़ेगा।
सीनेटर काटन ने कहा कि वक्त की मांग थी कि पुरानी व्यवस्था को तब्दील किया जाए। अमेरिका में वही लोग आ सकें जो योग्य व उच्च तकनीक में दक्ष होने के साथ आर्थिक रूप से मजबूत हों। पहले की व्यवस्था में इन तथ्यों पर गौर नहीं किया जा रहा था, जिससे बड़ी संख्या में लोग यहां आ रहे थे। इससे अमेरिकी नागरिकों की हित भी प्रभावित हो रहे थे। रेज एक्ट इन सब चीजों पर पूरी तरह से रोक लगाएगा। उनका कहना था कि अमेरिका में आ रहे 15 लोगों में से एक व्यक्ति ही इतना सक्षम है जो देश की अर्थ व्यवस्था को फायदा पहुंचा सके।
Reference

Comments

Popular posts from this blog

CIBIL- SIDBI study: ‘Despite rate cuts & govt push, MSME credit growth slides’

How the Tablighi Jamaat Issue Spilled Over Into India-Indonesia Relations